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त्यो राजा तपाईंले परिकल्पना गर्नुभएको कस्तो राजा हामी दुःख व्यक्त गर्दछौं |
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यद्यपि सभामुख महोदय म सम्मानका साथ अगुवाइमा |
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थापालाई बलभद्रलाई तर पछिल्लो कालखण्डमा आउँदै गर्दा खेरी राजा र |
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नागरिकबीचको निरन्तर संवैधानिक भएर |
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राजाले पटकपटक संविधानमाथि लोकतन्त्र नेपाली जनता बाध्य भए |
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र आज नेपाल देश लोकतान्त्रिक यो बेलामा यसो भन्दै गर्दाखेरि नागरिक पंक्तिमा छ कि छैन |
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सभामुख महोदय नागरिक वर्षौंदेखि बन्न थालेको बाटो बनि नसकेर धुलो |
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साम्राज्य पर्दा नागरिकले सरकार भन्दैन खेतीको बेला मल नपाउँदै गर्दा |
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भन्दैन प्रशासनिक कार्यालयमा मुसल सहितको सेवा त पाइयो तर मुख्य सेवा |
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भएन भने तर महोदय यस्ता असन्तुष्टिको हल मल हो कि राजा म सोझा सि |