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दोस्रो कुरो सम्माननीय अध्यक्ष ज्यू |
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नेपालका पूर्व राजा ज्ञानेन्द्र विक्रम शाहले |
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केही भएको छैन काम कुरो एकातिर कुम्लो बोकी ठिमीतिर भनेर के अमुक व्यक्तित्वको निम्ति र व्यक्ति एउटा अध्यादेश ल्याएर आफ्नो |
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खेलसँग सम्बन्धित प्राविधिक र व्यवसायिक शिक्षा |
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निजी क्षेत्रलाई स्वागत गरिरहेको छ प्रशंसा गरिएको छ। हामी भन्छौं |
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प्राप्त गरेर यो राष्ट्रिय सभामा आउनुभएको हो |
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संघीयतालाई पनि मिचेर यहाँ अध्यादेशहरु ल्याइएको छ |
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र विशेष गरिकन हाम्रो देश |
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तरकारी आदिमा आन्तरिक उत्पादनमा वृद्धि तथा |
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परिश्रममा पाउने व्यवस्था गरिएको छ त्यस्तै गरिकन फुटवलमा |